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अमेरिकी दूतावास पर बम-विस्फोट की बरसी

23/04/2008

US Assistant Secretary of State for Near East Affairs David Welch, left, attends ceremony at US Embassy in Beirut, 18 Apr 2008
US Assistant Secretary of State for Near East Affairs David Welch, left, attends ceremony at US Embassy in Beirut, 18 Apr 2008
अप्रैल 18, 1983 को दो हजार पाउंड विस्फोटकों से भरा एक वाहन लेबनान के बेरुत स्थित अमेरिकी दूतावास के मुख्य द्वार से टकरा गया । इसके बाद हुए बम-विस्फोट में 60 लोग मारे गए, जिसमें 17 अमेरिकी नागरिक थे । कई अन्य घायल भी हो गए थे । अमेरिकी विदेश मंत्रालय में उस हादसे की बरसी के मौके पर अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने मरने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की । उन्होंने उस त्रासद घटना में बच गए लोगों को भी याद किया । 

उन्होंने कहा- हमारे देश के नागरिक ऐसा काम करने के लिए आगे बढ़े, जिसकी नौबत कभी किसी के लिए न आए, लेकिन उन्होंने वह काम किया । उनमें से कई आज यहां मौजूद हैं । उन्होंने ध्वस्त मलबे से अपने सहयोगियों को बाहर निकाला, घायलों की सेवा की, मरने वालों की पहचान की । लोगों ने अपने दोस्तों के परिवारों को फोन किये । कोई नहीं चाहता कि उसे ऐसा करना पड़े । लोगों ने यह सब किया और साथ ही साथ उस ठिकाने पर लगातार चौकस बने रहे ।

आतंकवादियों ने अक्टूबर 23, 1983 को लेबनान में बहुराष्ट्रीय बल के अमेरिकी और फ्रांसीसी सदस्यों के बैरकों पर फिर बम हमले किये । इस हमले में 241 अमेरिकी सैनिक और 58 फ्रांसीसी सैनिक मारे गए । 75 अन्य लोग घायल हो गए । सितंबर 20, 1984 को अमेरिकी दूतावास से लगे उसके भवन पर एक हमला हुआ, जिसमें दूतावास के 9 कर्मचारी मारे गए और कई घायल हो गए । सुश्री राइस ने कहा कि इसके बाद भी आतंकवादी अमेरिका को हिला नहीं पाए ।

उन्होंने कहा कि दूतावास पर 1983 में हुए हमले के तुरत बाद राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था- किसी राजनय संस्थान पर आपराधिक हमला कर कोई हमें क्षेत्र में शांति बहाल करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से नहीं रोक सकता । हम जो ठीक समझते हैं, वह करेंगे । 25 साल बाद अभी भी उनकी वे बातें पूरी दुनिया में और खासकर मध्य-पूर्व में फैले हमारे ठिकानों पर कार्यरत हजारों पुरुषों एवं महिलाओं को वैसी ही सुनाई पड़ती हैं । 

सुश्री राइस ने कहा कि लेबनान के लोगों एवं मारे गए प्रधानमंत्री रफीक हरीरी सहित उनके नेताओं को युद्ध, आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा को लंबे समय तक भुगतना पड़ा है ।

उन्होंने कहा- किसी भी देश को इस स्थिति को स्वीकार नहीं करना चाहिए और अमेरिका तो निश्चित रूप से इसे स्वीकार नहीं करता । हम लेबनान की जनता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं । हम एक सम्प्रभु, लोकतांत्रिक एवं समृद्ध लेबनान की उनकी इच्छा का पूरी तरह समर्थन करते हैं ।

सुश्री राइस ने कहा- हमने लेबनान में 25 साल पहले अपने जिन लोगों को खोया, वे जब जीवित थे तो इस दुनिया को अमेरिकी नागरिकों और सभी आजादी पसंद लोगों के लिए अधिक सुरक्षित एवं बेहतर बनाने के साझे लक्ष्य के लिए एक-दूसरे से कदम-से-कदम मिलाकर चल रहे थे । उस लक्ष्य के लिए अब हर रोज काम करने की जरूरत है । यही वजह है कि हम आगे बढ़ रहे हैं । 

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