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| Richard Boucher |
दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर ने कहा है कि दक्षिण और मध्य एशिया के कई भागों में गतिशीलता एवं ऊर्जा की एक नई अनुभूति हो रही है । वॉशिंगटन डी.सी स्थित फॉरेन प्रेस सेंटर में एक ब्रीफिंग के दौरान श्री बाउचर ने कहा कि पाकिस्तान में हाल में हुआ चुनाव इस क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है ।
उन्होंने कहा कि वहां की व्यवस्था के लोकतांत्रिक सरकार में तब्दील होने की प्रक्रिया सफल रही है । हमने चुनाव के पहले ही कहा था और अभी भी कह रहे हैं कि हमें आशा है कि वे एक ऐसी लोकतांत्रिक सरकार बनाएंगे, जिसमें एक मजबूत नरमपंथी केंद्र होगा । वास्तव में उन्होंने केंद्रीय पार्टियों का गठबंधन तैयार किया है । मैं समझता हूं की वहां के हर आदमी की नजर इस बात पर है कि एक आधुनिक समाज से रूप में पाकिस्तान कैसे आगे बढ़ता है । वे यह देखना चाहते हैं कि नरमपंथ को कैसे बढ़ावा मिलता है और किस तरह एक स्थायी बुनियाद की स्थापना होती है ताकि वे उग्रवाद और आतंकवाद से मुकाबला कर सकें । आतंकवाद ने पाकिस्तान, आस-पास के देशों और दुनिया के दूसरे हिस्सों को अपने चपेट में ले रखा है ।
श्री बाउचर ने कहा कि नई सरकार में शामिल पाकिस्तानी यह समझते हैं कि यह उनका संघर्ष है, उनका अपना युद्ध है । पड़ोसी देश अफगानिस्तान में सुरक्षा को सुधारने एवं पुनर्निर्माण व विकास की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिशें चल रही हैं ।
उन्होंने कहा कि बुकारेस्ट में अफगान मसले पर हमारी नाटो और आईएसएएफ सहयोगियों से बहुत महत्वपूर्ण बात हो चुकी है । वहां अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस मसले पर एक मजबूत वचनबद्धता दिखाई । यह वचनबद्धता व्यापक थी, जिसके तहत वे अफगानिस्तान में स्थायित्व लाने के लिए तमाम उपलब्ध तरीकों के उपयोग के लिए तैयार थे । मेरा मानना है कि हमारी एक मुलाकात ऐसी भी रही, जो इस बात का द्योतक है कि हम इस साल किन कोशिशों पर विशेष जोर देना चाहते हैं । यह मुलाकात अफगानिस्तान के लिए राष्ट्र संघ महासचिव के विशेष प्रतिनिधि काई ईदी से हुई ।
श्री बाउचर ने कहा कि हाल में नेपाल और भूटान में चुनाव हुए हैं, जिससे व्यवस्था के लोकतंत्र में सफल बदलाव की संभावना बनी है । उन्होंने कहा कि भारत में कई क्षेत्रों में अमेरिका के साथ उसका सहयोग बढ़ रहा है । अमेरिका को आशा है कि नागरिक परमाणु समझौते की दिशा में बात आगे बढ़ेगी । मध्य एशिया में अमेरिका की कज़ाकिस्तान के साथ कुछ लाभदायी बातचीत हुई है । यह बातचीत आर्थिक रिश्तों को व्यापक बनाने और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के विकास को लेकर थी । अमेरिका को तुर्कमेनिस्तान के साथ बातचीत के भी फलीभूत होने की आशा है ।
श्री बाउचर ने कहा कि दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए कई अवसर सामने आए हैं तो चुनौतियां भी खड़ी हुई है । उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी तरफ से कमान थामने वाले लोगों के साथ मिलकर काम करेगा और ऐसा काम करेगा ताकि क्षेत्र के लोगों के लिए सचमुच अच्छी बात बने ।