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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
ईरान धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करने में सबसे आगे
07/05/2008

Mahmoud Ahmadinejad (file photo)
Mahmoud Ahmadinejad (file photo)
अमेरिकी सरकार के एक आयोग ने ईरान को फिर एक बार धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करने वाला सबसे बड़ा देश बताया है । अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के अमेरिकी आयोग को कांग्रेस द्वारा हर साल अमेरिकी विदेश मंत्री को उन सरकारों के बारे में रिपोर्ट देने का आदेश है, जो अपनी जनता की धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करती हैं ।

आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान में सरकार धार्मिक स्वतंत्रता का योजनाबद्ध, लगातार और घृणित हनन करती है, जिसमें लंबे समय तक हिरासत में रखना, यातना देना और मुख्य रूप से या केवल आरोपी के धर्म के आधार पर मृत्यु दंड देना शामिल है । रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के दौरान ईरान सरकार की खराब धार्मिक स्वतंत्रता के रिकॉर्ड में और गिरावट आई है, खासकर धार्मिक अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से बहाई, सूफी मुसलमानों और ईसाइयों के मामले में । इसके अतिरिक्त, यहूदियों का विरोध बढ़ाने और जनसंहार को नकारने तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों से ईरान के यहूदी समुदाय के बीच भय बढ़ा   है ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई वरिष्ठ शिया धार्मिक नेता, जो ईरान सरकार के सिद्धांतों या कृत्यों का विरोध करते हैं, उन्हें भी सरकारी दमन का निशाना बनाया गया है । इस संदर्भ में एक मामला अयातुल्ला मोहम्मद काज़ेमनी बोरोजेर्डी का है, जो ईरान में धार्मिक शासन का विरोध करते हैं । अक्टूबर, 2006 में उन्हें और उनके कई शिष्यों को गिरफ्तार कर लिया गया और हिरासत में रखा गया । अयातुल्ला बोरोजेर्डी पर तथाकथित पुण्य स्थल को अपवित्र करने का आरोप लगाया गया था । उनकी मौजूदा स्थिति का पता नहीं चला है, लेकिन समझा जाता है कि वह और उनके कई शिष्य जेल में बंद हैं ।

राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता एक मौलिक मानवाधिकार है, जिसकी गारंटी स्वतंत्रता पर आधारित समाज देते हैं ।

"यह बहुमूल्य स्वतंत्रता है । यह बुनियादी सिद्धांत है, जिसके तहत धार्मिक लोग अपने आध्यात्मिक विचार दूसरों पर न थोपने के लिए सहमत होते हैं और बदले में अपनी इच्छानुसार अपने धर्मों का पालन करते हैं ।"

अमेरिका के अधिकारों के अधिनियम में धर्म की स्वतंत्रता सबसे पहले स्थान पर सुनिश्चित की गई है, परंतु राष्ट्रपति बुश कहते हैं, "धार्मिक स्वतंत्रता किसी एक देश की नहीं होती, बल्कि सारे विश्व की होती है ।"

श्री बुश का कहना है कि ईरान में और अन्यत्र रहने वाले उन लोगों के लिए, जो अपने धार्मिक विश्वासों के कारण तकलीफ उठा रहे हैं, उनका एक संदेश है । "आप अकेले नहीं हैं । हम उस दिन के लिए काम कर रहे हैं, जब हम स्वतंत्र देशों के परिवार में आपका स्वागत कर सकेंगे । हम प्रार्थना करते हैं कि आप और आपके बच्चे किसी दिन सभी चीजों में स्वतंत्रता जानें, जिसमें सर्वशक्तिमान ईश्वर को प्यार करने और पूजा करने की आजादी शामिल हो ।"