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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
उज़्बेकिस्तान में लोकतंत्र के बढ़ते कदम
01/06/2008

Uzbekistan
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उज़्बेकिस्तान में 2007 के दौरान मानवाधिकारों का रिकॉर्ड खराब रहा, हालांकि उज़्बेकिस्तान की सरकार ने 2008 के शुरू में कुछ सुधारवादी कदम उठाए । विदेश मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक कंट्री रिपोर्ट ऑन एडवांसिंग फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी में कहा गया है कि वहां स्वतंत्र राजनीतिक पार्टियां नहीं हैं । जो कुछ मौजूदा विपक्षी समूह हैं, उन्हें सरकार की यातना से गुजरना पड़ा रहा है और उन्हें पंजीकरण से वंचित कर दिया गया है ।  

उज़्बेकिस्तान की न्यायपालिका सरकार के नियंत्रण में रही । मुकदमे का फैसला सामान्यतः पहले से तय होता था और कुछ बचाव पक्षों कानूनी सलाह से वंचित रखा गया । नवंबर 2007 में, राष्ट्र संघ के कमिटी अगैंस्ट टॉर्चर ने निष्कर्ष निकाला कि उज़्बेकिस्तान अधिकारियों द्वारा अपनाई जाने वाली जांच प्रक्रिया के दौरान नियमित रूप से यातना और दुर्व्यवहार का रास्ता अपना गया । सरकार ने एक जगह जमा होने, संगठन बनाने और धार्मिक गतिविधियों पर पाबंदी लगाई । अधिकारी गैर-सरकारी संगठन की सभी गतिविधियों पर नियंत्रण की कोशिश में लगे रहे और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को अपना काम बंद करने के लिए मजबूर किया जाता रहा । अक्सर बंद रहने वाले बहुत थोड़ी सी इंटरनेट न्यूज़ साइटों के अलावा वहां कोई प्रमाणिक स्वतंत्र मीडिया नहीं था और सेंसरशिप का व्यापक तौर पर उपयोग किया गया । सरकार ने दुसरे देशों पर उज़्बेक शरणार्थियों को जबर्दस्ती वापस करने का दबाव डाला और वापस लौटे ऐसे कई लोगों को जेल में डाल दिया ।

हालांकि सरकार ने मानव तस्करी को रोकने के लिए थोड़े कदम उठाए फिर भी मानव तस्करी वहां की एक गंभीर समस्या बनी हुई है । बाल मजदूरी व्यापक स्तर पर जारी है । राष्ट्र संघ रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार कुछ अन्य राजनयिक मिशनों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार संगठनों के साथ मिलकर मानवाधिकार के मामले में पारदर्शिता को बढ़ावा देने में लगी रहती है । अमेरिका उज़्बेकिस्तान की सरकार से वर्ष 2005 में अंदीजान में हुई हिंसा की एक स्वतंत्र जांच की अनुमति देने का अनुरोध कर रहा है । उस हिंसा में सरकारी सैनिक भी शामिल थे । अमेरिका उज़्बेक अधिकारियों से गैर-सरकारी संगठनों को परेशान किये जाने से तौबा करने और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों को अमेरिकी सहायता पर से रोक हटाने का अनुरोध कर रहा है । 

विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाधाओं के बावजूद अमेरिका उज़्बेकिस्तान में लोकतंत्र के कार्यक्रमों और मानवाधिकार को सरकार से समर्थन दिलाए जाने की लगातार कोशिश कर रहा है । राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा- आजादी का प्रतिरोध किया जा सकता है, स्वतंत्रता में देरी हो सकती है, लेकिन स्वतंत्रता को नकारा नहीं जा सकता । जब तक पूरी दुनिया के देशों में पुरुष और महिलाएं आस्था, अभिव्यक्ति, संगठन बनाने और एक जगह जमा होने की अपनी मूलभूत स्वतंत्रता का पुरी तरह इस्तेमाल नहीं कर सकते, स्वतंत्रता में जी रहे हम जैसों को मानवाधिकारों के मामले में प्रगति और अन्य लोकतांत्रिक मूल्यों के बचाव के लिए काम करना चाहिए ।