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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
आईएईए की कोशिशें ईरान के रवैये से नाकाम
08/06/2008

 Mohamed ElBaradei waits for the start of International Atomic Energy Agency, 02 Jun 2008
Mohamed ElBaradei waits for the start of International Atomic Energy Agency, 02 Jun 2008
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी की जून में हुई हाल की बैठक महानिदेशक मोहम्मद अलबरदाई द्वारा खेद प्रकट किये जाने से शुरू हुई । उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि वे ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के संभावित सैन्य पहलुओं का आकलन करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं कर सके हैं । अलबरदाई ने कहा कि ईरान ने एजेंसी को सभी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए और उन लोगों से भी नहीं मिलने दिया, जिनसे मिलने की मांग आईएईए ने की    थी । उन्होंने कहा कि ईरान अपने बयानों के समर्थन में पर्याप्त ठोस सफाई भी देने में असफल रहा । ईरान के अतीत एवं मौजूदा परमाणु कार्यक्रम की प्रकृति के आकलन के लिए ऐसी सफाई आवश्यक है ।

आईएईए बोर्ड की बैठक के अंत में आईएईए में ईरान के राजदूत अली असगर सुलतानिया ने प्रेस को एक बयान जारी कर दिया । उन्होंने कहा- हमने खासी मात्रा में सहयोग किया है, सूचनाएं और दस्तावेज मुहैया कराए हैं । हमने अपना काम कर दिया है । बस बात खत्म ।

लेकिन मामला अभी दूर-दूर तक खत्म नहीं हुआ है । आईएईए में अमेरिका के प्रतिनिधि ग्रेगरी शुल्ट ने बोर्ड से कहा- जिन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं, वे इस बात की तरफ इंगित करते हैं कि ईरान सरकार ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं । लेकिन एजेंसी के निरीक्षक यह पता करने में असफल हो रहे हैं कि ईरान ने उन कोशिशों को बंद कर दिया है ।

हालांकि ईरान ने बार-बार कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन दुनिया के देश उसकी बात से संतुष्ट नहीं हैं । राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद यह मांग करते हुए ईरान पर तीन बार प्रतिबंध लगा चुकी है कि वह आईएईए के साथ पूरी तरह सहयोग करे और परमाणु हथियार बनाने के काम में आने वाली संवर्धन और प्रसंस्करण की गतिविधियों को बंद करे । ईरान अभी भी इन दोनों मामलों में सुरक्षा परिषद की अवहेलना कर रहा है ।

हाल के एक भाषण में अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने ईरान के उन दावों पर सवाल खड़ा किया कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांति

पूर्ण उद्देश्यों के लिए है । यह कार्यक्रम बिजली पैदा करने के लिए है । उन्होंने कहा-

“उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की पूर्व की पेशकश को क्यों ठुकरा दिया है ? वह लाइट वॉटर संयंत्रों के मामले में भी सहयोग से इन्कार कर रहा है । सवाल उठता है कि अब तक ईरान रूस में यूरेनियम संवर्धन की पेशकश को क्यों ठुकरा रहा है । जैसा कि आईएईए की हाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि ईरान सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों की अवहेलना करते हुए यूरेनियम संवर्धन जारी रखे हुए है । आखिर क्यों ? आखिर क्या वजह है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कुछ भाग वहां की सेना के नियंत्रण में है ? इस बात को खुद आईएईए ने इंगित किया है । आखिर ईरान अपने परमाणु संस्थानों तक अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को जाने की इजाजत क्यों नहीं दे रहा ?”

कोंडोलीज़ा राइस ने कहा - ऐसा मानना मुश्किल है कि इन सवालों के आसान से जवाब सामने आएंगे ।