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President Bush, walks to joint press conference with European Commission President Jose Manuel Barros, left, and Slovenian PM Janez Jansa, 10 Jun 2008
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स्लोवनिया में इस वर्ष आयोजित अपने वार्षिक शिखर
सम्मेलन के समापन के अवसर पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त घोषणापत्र
प्रकाशित किया । इस घोषणापत्र में अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ईरान की सरकार से
अपने परमाणु कार्यक्रम के मामले में अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का पालन करने और
आतंकवाद को समर्थन बंद करने को कहा है ।
अमेरिक-यूरोपीय संघ घोषणापत्र में ईरान में
मानवाधिकारकी, खासकर मानवाधिकारों के पैरोकारों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की बदतर
होती स्थिति पर भी चिंता जाहिर की गई है ।
चिंता का एक महत्वपूर्ण कारण है- ईरानी नोबेल
पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी नीत मानवाधिकार संगठन ने हाल ही में अपनी वार्षिक
रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें "ईरान में मानवाधिकारों
के योजनाबद्ध हनन" की निंदा की गई है । डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स
सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट में छात्र कार्यकर्ताओं, महिला अधिकारों के पेरोकारों,
धार्मिक अल्पसंख्यकों, मजदूर संगठन के सदस्यों और गुजारे भत्ते की मांग करने वाले
शिक्षकों के साथ सरकार के पाशविक व्यवहार का उल्लेख किया गया है । इसमें कहा गया
है कि 2005 में महमूद अहमदीनेजाद के राष्ट्रपति बनने के बाद से अभिव्यक्ति की
स्वतंत्रता में गिरावट आई है और जिस किसी ने प्रशासन की नीतियों पर ऐतराज जताया,
उसे डराया-धमकाया गया और गिरफ्तार किया गया । शिरीन एबादी ने कहा है कि सरकार की
नीतियों पर असहमति जताने वाले हरेक व्यक्ति पर "राष्ट्रीय
सुरक्षा के खिलाफ काम करने" का आरोप लगाया जाता है
ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी कहा है कि ईरान में अमनपसंद
नागरिक सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाना आम हो गया है । हाल ही में एक
बयान में ह्यूमन राइट्स वॉच ने सरकारी हिरासत में कैद छात्र इब्राहिम लोतफोलाही की
जनवरी, 2008 में संदेहास्पद मौत और फरवरी में दो मानवाधिकार कार्यकर्ताओं- फरज़द
कमनगार और याकूब मेहरनेहद को दिये गए मृत्यु दंड का हवाला दिया है । ह्यूमन राइट्स
वॉच ने कहा है कि दोनों व्यक्तियों को गोपनीय मुकदमों के बाद सजा दी गई ।
इस महीने के आरंभ में अमेरिका-यूरोपीय संघ शिखर
सम्मेलन के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि जो लोग
आजादी के लिए तकलीफें झेलते हैं, उनके दावे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए ।
"जब भी हम ऐसे लोगों को देखते हैं, जो इसलिए जेल में डाले गए, क्योंकि वे आजादी
के लिए बोलने के लिए तैयार थे, तो स्वतंत्र देशों में रहने वाले हमलोगों को उन्हें
आजाद कराने के लिए काम करना चाहिए ।"
अमेरिका ने ईरानी सरकार से अपने नागरिकों के
सुनियोजित दमन को बंद करने, सभी ईरानी लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने और
अपने मौलिक अधिकारों पर जोर देने के लिए जेल में डाले गए लोगों को रिहा करने के
लिए कहा है ।