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Iraqi Prime Minister Nouri al-Maliki
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इराकी सरकार ने चरमपंथी लड़ाकों और आपराधिक गिरोहों
को निशाना बनाने के लिए कई अभियान चलाए हैं । हाल ही में इराकी प्रधानमंत्री नूरी
अल-मलीकी ने इराक की सुरक्षा फौजों को दक्षिणी शहर अमाराह पर नियंत्रण करने का
आदेश दिया था, जो उन चरमपंथी शिया लड़ाकों का गढ़ रहा है, जिन्हें ईरान समर्थन और
पैसा देता है । अमाराह को ईरान से हथियारों की तस्करी का केंद्र भी माना जाता है ।
इराकी सुरक्षा फौजों को शहर में बहुत कम सशस्त्र गतिरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन
उन्होंने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की जानकारी दी, जिसमें
ईरान में निर्मित विस्फोटक भी शामिल हैं ।
अमाराह में अभियान से पहले इराक सरकार ने बसरा और
बगदाद में चरमपंथी शिया लड़ाकों को निशाना बनाने के लिए ऐसे ही अभियान चलाए थे ।
अमेरिकी फौजों ने इन अभियानों के लिए सहायता मुहैया कराई, लेकिन उनका नियोजन और
नेतृत्व इराकी सेना ने किया ।
अमाराह के 30-वर्षीय निवासी अबू बलीद ने एजेंस
फ्रांस प्रेस समाचार एजेंसी को बताया, "इराकी सेना के आने से
पहले हालत बहुत खराब थी, सशस्त्र लड़ाके अमाराह और प्रांत के पूरे इलाके पर
नियंत्रण कर रहे थे । वे जो चाहते थे, वह करते थे और कोई उन्हें कुछ नहीं कह सकता
था । हमने अपने अधिकार खो दिये थे ।
इराक में बहुराष्ट्रीय फौज के प्रवक्ता, अमेरिकी मेजर जनरल केविन बर्गनर ने पत्रकारों को बताया कि
अमाराह और आसपास के इलाके को सुरक्षित बनाने के इराक के फैसले के पीछे ठोस कारण थे
।
"इस प्रांत की उल्लेखनीय सीमा ईरान के साथ लगी हुई है । यह वह स्थान है, जहां इराकी सरकार विशेष
रूप से अवैध हथियारों को हटाने और कानून का शासन लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर
रही है । और इस सबसे तस्करी पर बेहतर नियंत्रण और गैरकानूनी सीमा पार गतिविधि में
कटौती की जा सकती है, जिसमें इस सीमा के पास से लाए जा रहे अवैध हथियारों की
संख्या कम करना भी शामिल होगा ।
ईरान ने बारंबार इराक में स्थिरता बहाल करने के लिए
इराकी सरकार की मदद करने का वायदा किया है । परंतु तेहरान की सरकार चरमपंथी
लड़ाकों को लगातार पैसा, प्रशिक्षण और हथियार दे रही है । मेजर जनरल बर्गनर ने कहा
कि ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फौज चरमपंथी लड़ाकों को सहायता देने
का महत्वपूर्ण स्रोत है । उन्होंने यह भी कहा कि इराकी नागरिक इराक की सुरक्षा
फौजों के साथ निरंतर सहयोग कर रहे हैं और उन सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं,
जिनसे हथियारों के भंडारों का पता चलता है, जिनमें ईरानी स्रोतों द्वारा मुहैया
कराए गए हथियार भी शामिल हैं ।
मेजर जनरल बर्गनर ने कहा कि इराकी और गठबंधन फौजें
अपराधियों और आतंकवादियों की क्षमता और कम करने के लिए दबाव बनाती रहेंगी और इराकी
जनता की सहायता करती रहेंगी ।