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Editorials - The following is an Editorial Reflecting the Views of the US Government
एक पृथक और बराबरी की स्थिति
04/07/2008

 

July 4rth fireworks over Washington DC
July 4rth fireworks over Washington DC
अमेरिका में स्व-शासन एक दीर्घकालिक परंपरा रही है
अर्थात जनता द्वारा सत्ता के सभी आवश्यक कार्य संपन्न किया जाना, किसी उच्च अधिकारी के हस्तक्षेप के बिना, जिसे वे खुद नियंत्रित नहीं कर सकते ।  यह स्वतंत्रता के घोषणापत्र के केंद्र में भी है, जिस पर 232 वर्ष पहले हस्ताक्षर किये गए थे और जिसे हम आज मना रहे हैं ।

श्री थॉमस जैफरसन, दस्तावेज के प्रमुख लेखक, ने लिखा था कि स्व-शासन एक पृथक और बराबरी की स्थिति है, जिसका अधिकार प्रकृति के और प्रकृति के ईश्वर-प्रदत्त कानूनों के तहत जनता को है ।  यह आसानी से प्राप्त नहीं हुआ । अमेरिका का प्रारंभिक इतिहास उन संघर्षों से भरा है, जो गणतांत्रिक सरकार से खतरा महसूस करने वाले अन्य देशों से हुए और अपने भीतर सरकार के अंतिम रूप को लेकर हुए । परंतु घोषणापत्र ने एक ऐसे देश का खाका तैयार किया, जो अपना अस्तित्व बनाए रखेगा और विकास करेगा, और दुनिया भर में ऐसे ही स्वाधीनता आंदोलनों को प्रेरित करेगा ।

जब ब्रिटेन और उसके उत्तर अमेरिकी उपनिवेशों के बीच पहला युद्ध छिड़ा, तो बहुत कम लोगों ने कल्पना की थी, समर्थन देने का तो सवाल ही नहीं था, कि एक नया देश जन्म लेगा ।  इतिहासकारों ने लिखा है कि जब लड़ाई हो रही थी, तब भी उपनिवेशों के बीच भविष्य को लेकर गहरे मतभेद थे । करीब एक तिहाई मानते थे कि पूरी तरह अलग होना जरूरी है, एक तिहाई ब्रिटिश राज के प्रति वफादार बने रहे और एक तिहाई केवल यह चाहते थे कि उन्हें अपने परिवारों को पालने और अपने काम करने के लिए अकेला छोड़ दिया जाए ।

जिन 56 व्यक्तियों ने 4 जुलाई, 1776 को घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किये थे, उन्होंने स्वतंत्रता के लिए पहले वोट डाले ।  उनके सहयोगी नागरिकों ने इस चुनाव का समर्थन किया और उसके साथ ही तब प्रतिक्रियावादी, परंतु अब लगभग सार्वभौमिक सिद्धांत का भी, कि सरकार का गठन शासितों की सहमति से होना चाहिए ।