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| Russia Georgia South Ossetia Abkhazia |
राष्ट्र संघ में रूस के राजदूत ने जॉर्जिया से अलग हुए दो प्रांतों, दक्षिण
ओसेशिया और अबकाज़िया को मान्यता देने के अपनी सरकार के फैसले को सही ठहराया है ।
उन्होंने कहा कि जॉर्जिया सरकार ने जिस तरह इस महीने के शुरू में दक्षिण ओसेशिया
पर हमला किया, उससे जॉर्जिया की राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने के राष्ट्र संघ के
वर्तमान प्रस्तावों का कोई मतलब नहीं रह गया है और एक नई सच्चाई सामने आ गई है ।
रूसी विदेश मंत्रालय का एक लिखित वक्तव्य पढ़ते हुए राजदूत विताली चरकिन ने
कहा कि तिब्लिसी द्वारा आक्रामक और अहंकारी नीति अपनाए जाने के बाद दक्षिण ओसेशिया
और अबकाज़िया की स्वतंत्रता को हमें मान्यता देनी पड़ी ।
उन्होंने कहा कि मान्यता देने के मामले में हमने इतने लंबे समय तक धैर्य का
प्रदर्शन किया और हमारा फैसला रूसी संसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद
आया ।
श्री चरकिन ने कहा कि ये दोनों प्रांत पिछले कई सालों से मान्यता देने के लिए हमसे
अपील कर रहे थे । हमने लंबे समय तक प्रतीक्षा की और उल्लेखनीय धैर्य का परिचय दिया
।
स्री चरकिन ने कहा कि रूस इन दोनों प्रांतों को अपने में मिलाना नहीं चाहता । दोनों
में अनेक ऐसे लोग रहते हैं, जिनके पास रूसी नागरिकता है ।
उधर एक अलग प्रेस कांन्फ्रेंस में राष्ट्र संघ में जॉर्जिया के राजदूत, इराकली
अलासानिया ने यह कह कर रूसी कदम को अस्वीकार कर दिया कि मान्यता देने से पहले से
ही खराब स्थिति और बिगड़ जाएगी ।
उन्होंने कहा कि रूस के इस कदम का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और कानूनी तौर पर
कोई भी प्रभाव नहीं होगा । जॉर्जिया की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत सीमाओं पर
कोई भी असर नहीं पड़ेगा और जॉर्जिया की प्रभुसत्ता, क्षेत्रीय अखंडता और
स्वतंत्रता को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के रवैये में कोई बदलाव नहीं आएगा ।
लेकिन रूस के राजदूत इस तर्क से सहमत नहीं हैं । उनका कहना है कि 8 अगस्त को
जॉर्जिया के दक्षिण ओसेशिया पर हुए हमले के बाद राष्ट्र संघ के वर्तमान प्रस्तावों
का कोई मतलब नहीं रह गया है । इन्हीं प्रस्तावों के तहत जॉर्जिया की क्षेत्रीय
अखंडता की गारंटी थी ।
पश्चिमी ताकतें इस बिंदु पर रूस से सहमत नहीं हैं । अनेक राजनयिकों ने मंगलवार
को कहा कि जॉर्जिया की सीमाओं और प्रभुसत्ता से संबंधित सुरक्षा परिषद के सभी
पुराने प्रस्ताव कायम रहेंगे और सैन्य कार्रवाई द्वारा उन्हें बदला नहीं जा सकता ।
इस महीने के शुरू में रूस, जॉर्जिया और अलग हुए दोनों प्रांतों ने एक शांति
योजना पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके 6 बिंदु हैं । इनमें अबकाज़िया और दक्षिण
ओसेशिया के लिए सुरक्षा प्रबंधों पर अंतर्राष्ट्रीय बातचीत शुरू कराने का मसला भी
शामिल है । राजदूत चरकिन का कहना है कि वार्ताओं के शुरू होने से पहले इन प्रांतों
की आज़ादी को मान्यता देने के अपने फैसले के बावजूद रूस इन सभी बिंदुओं को मानता
है ।