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_Bush-and Manmohan singh
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भारत ने कहा है कि वह हथियारों की नई दौड़ में शामिल
नहीं होना चाहता, जबकि अमेरिका के साथ हुए परमाणु सौदे पर बातचीत आज वियना में
जारी रही ।
भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने
एक बयान में कहा कि नई दिल्ली परमाणु परीक्षण पर एकतरफा रोक लगाने के प्रति
प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि भारत पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल न करने की
अपनी नीति की पुष्टि करता है ।
वियना में 45 देशों के न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप
के राजनयिक इस पर बहस कर रहे हैं कि भारत के साथ परमाणु व्यापार पर लगे दशकों
पुराने प्रतिबंध को हटाया जाए या नहीं ।
राजनयिकों ने कहा है कि चूंकि भारत ने परमाणु
अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं, इसलिए कुछ देशों को संगठन के उन नियमों
को हटाने के बारे में आपत्ति है, जिनके तहत ऐसे देशों के साथ परमाणु व्यापार करने
पर रोक लगाई गई है ।
वॉशिंगटन के लिए जरूरी है कि यह प्रतिबंध उठा लिया
जाए ताकि वह भारत के साथ परमाणु व्यापार समझौते को आगे बढ़ा सके ।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने वियना में
न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के देशों को प्रतिबंध हटाने के लिए मनाने में कुछ
प्रगति की है । अधिकारियों ने कहा है कि भारत के साथ परमाणु सौदा करने से अप्रसार
प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम का गहन
निरीक्षण किया जा सकेगा ।
अगर प्रतिबंध हटाने की सहमति हो जाती है तो
भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी तभी इससे
संबंधित कानून बन सकेगा ।