(वी.ओ.ए न्यूज़)
विश्व के सबसे अमीर देशों के उच्च आर्थिक अधिकारियों
ने कहा है कि वे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए
जरूरी कदम उठाएंगे ।
सोमवार को कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिये जी-7 गुट के
वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों ने अमेरिकी वित्तीय सहायता योजना के
बारे में विचार-विमर्श किया ।
बुश प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस से हस्तक्षेप करने
की वित्तीय योजना के लिए 700 अरब डॉलर देने का अनुरोध किया है, जिसके बाद यह
प्रतिबद्धता जताई गई है । राष्ट्रपति बुश ने कहा कि इस योजना पर कार्रवाई न करने
के व्यापक परिणाम होंगे ।
वॉशिंगटन की कार्रवाई से एशियाई स्टॉक बाजारों में
निवेशकों की चिंताएं कम हुईं और सोमवार को ट्रेडिंग बंद होने तक बाजार में काफी
वृद्धि देखी गई । दोपहर की ट्रेडिंग में यूरोपीय शेयरों को भी लाभ हुआ, लेकिन
अमेरिकी शेयरों में गिरावट देखी गई ।
एक अन्य घटनाक्रम में, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बोर्ड
ने देर रविवार को कहा था कि वह दो बड़े अमेरिकी निवेशक बैंकों, गोल्डमेन साक्स और
मॉर्गन स्टेनली को बैंक होल्डिंग कम्पनी बनने की इजाजत देगा ।
इसका अर्थ यह है कि दोनों कंपनियां अमेरिकी सेंट्रल
बैंक से पैसा उधार ले सकेंगी और जमा निधि (डिपोजिट) स्वीकार कर सकेंगी ।
इन बैंकों पर अब और अधिक सख्त सरकारी नियंत्रण भी
किया जाएगा । बैंकों पर ज्यादा पैसा सुरक्षित रखने का दबाव डाला जाएगा ताकि निवेश
में हानि होने पर स्थिति संभाली जा सके । इससे जोखिम और संभावित लाभ कम होगा ।
पिछले हफ्ते के अंत में यह खबर आने पर कि अमेरिका
में वित्तीय प्रणाली को संकट से उबारने की योजना बनाई जा रही है, दुनिया भर में
शेयर बाजारों में हफ्ते के शुरू में जो गिरावट आई थी, उसके नुकसान की बहुत हद तक
भरपाई हो गई । बाजार विश्लेषकों ने कहा कि वित्तीय प्रणाली से बुरे ऋण हटाने की
योजना से अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में बाजार की आशंकाएं कम हो गईं ।
इस योजना के तहत अमेरिकी सरकार अमेरिकी वित्तीय
संस्थानों से, जिन्होंने जोखिम वाले ऋणों में अरबों डॉलर गंवा दिये हैं, बुरे ऋण
खरीद लेगी, जिसमें मॉर्टगेज पर आधारित निवेश शामिल है, जिसका भुगतान अब नहीं किया
जा सकता ।
कांग्रेस में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसद तथा बुश
प्रशासन इस योजना के विवरण पर काम कर रहे हैं ।