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| Scooters lie scattered after blasts at a market place in Agartala, India, 01 Oct 2008 |
सरकार ने नई दिल्ली में 13 सितंबर को हुए बम-विस्फोट
के सिलसिले में समाचार चैनलों द्वारा एक प्रमुख गवाह के इंटरव्यू दिखाए जाने को
गंभीरता से लेते हुए आज प्रसारकों से कहा है कि वे ऐसा कोई समाचार प्रसारित न
करें, जिससे किसी व्यक्ति के जीवन को खतरा हो सकता हो ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग
फाउंडेशन और न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसियेशन को जारी किये गए एक निर्देश में उनसे
अपने सदस्यों को यह आदेश देने के लिए कहा है कि वे कोई ऐसा समाचार प्रसारित न
करें, जिससे किसी व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाए ।
मंत्रालय के अधिकृत बयान में कहा गया है कि यह
निर्देश राष्ट्रीय बाल अधिकार रक्षा आयोग के अनुरोध पर जारी किया गया है, जिसने
मंत्रालय को पत्र लिखकर एक गुब्बारे बेचने वाले बच्चे राहुल का इंटरव्यू बार-बार
प्रसारित किये जाने पर आपत्ति जताई है । 13 सितंबर को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस
इलाके में हुए विस्फोट का यह 12-वर्षीय बच्चा चश्मदीद गवाह है ।
बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार रक्षा
आयोग ने मीडिया के इस कदम को गैरसंवेदनशील और लापरवाही बताया है, जिससे राहुल के
जीवन को खतरा है, क्योंकि उसकी रक्षा करने या उसे इसके गंभीर परिणाम के बारे में
आगाह करने वाला कोई नहीं है ।
आयोग ने यह भी कहा है कि मीडिया ने एक दुखद हादसे को
भुनाने के अपने प्रयास में देश भर में इस बच्चे की पहचान का प्रदर्शन किया और उसकी
सुरक्षा के बारे में कोई विचार नहीं किया ।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, आयोग ने मीडिया के इस
कदम को लापरवाह आचरण बताया है । मंत्रालय ने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन और
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर एसोसियेशन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है कि उनके
सदस्य चैनल प्रसारण के लिए सामग्री चुनते समय संयम से काम लें ।