नैटो सदस्य देशों के प्रतिरक्षा मंत्री अफगानिस्तान में तेज़ी के साथ बढ़ते
मादक पदार्थों केव्यापार की रोकथाम के लिए आज नैटो सैनिकों का
इस्तेमाल करने पर सहमत हो गए हैं.बुडापेस्ट, हंगरी में आयोजित बैठक
में अमेरिका ने प्रस्ताव रखा कि अफगानिस्तान में मादकसुविधाओं के खिलाफ नैटो
के पचास हज़ार सैनिक इस्तेमाल में लाये जाएँ जिसे प्रतिरक्षा मंत्रियोंने
स्वीकार किया. इस करवाई के अंतर्गत आवश्यक ये होगा कि नैटो का हरेक सदस्य अपनेसैनिकों
की तैनाती से पहले इसके लिए प्राधिकार दे.
मादक पदार्थ
विरोधी इस कदम को अमेरिकी प्रतिरक्षा मत्री रॉबर्ट गेट्स का समर्थनप्राप्त
रहा है. इस योजना के समर्थकों का कहना है कि तालिबान और उसके मित्र अल-कैदाअफगानिस्तान
के अवैध अफीम व्यापार से प्रतिवर्ष ८० लाख डॉलर कमाते हैं.
जर्मनी समेत नैटो
के कुछेक मित्र देशों ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान में अपने सैनिकों केइस्तेमाल
किए जाने का विरोध किया था ये कहते हुए कि इस काम का दायित्व अफगान सैनिकोंपर
होना चाहिए.
विश्व में हेरोइन
की कुल सप्लाई का लगभग ९० प्रतिशत भाग अफगानिस्तान में पैदा होता है.