पाकिस्तान ने कहा है कि अगर भारत चिनाब नदी के
प्रवाह में कथित कटौती होने के कारण 20 लाख एकड़ फुट पानी के नुकसान के लिए मुआवजा
नहीं देगा तो वह इस विवाद के फैसले के लिए तीसरे पक्ष के पास जाएगा ।
सिंधु जल आयुक्त जमात अली शाह ने भारत पर जम्मू और
कश्मीर के बगलीहार बांध को भरने के लिए चिनाब नदी का प्रवाह मोड़ने का आरोप लगाते
हुए कहा है कि इस्लामाबाद चिनाब के पानी पर न तो अपना दावा छोड़ेगा और न ही अपने
हिस्से का पानी बेचेगा ।
श्री शाह की टिप्पणियों से कुछ दिन पहले राष्ट्रपति
आसिफ अली ज़रदारी ने चेतावनी दी थी कि सिंधु नदी प्रणाली के पानी के बंटवारे पर
विवाद से द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है ।
कल लाहौर में एक सम्मेलन के बाद श्री शाह ने
पत्रकारों से कहा था कि जब वह 18 अक्टूबर को प्रतिनिधि दल के साथ भारत जाएंगे तो
चिनाब नदी के जल पर पाकिस्तान का दावा पेश करेंगे ।
उन्होंने कहा कि भारत को आगामी रबी के मौसम के दौरान
पाकिस्तान को मुआवजा देना होगा, वरना इस्लामाबाद अपना हिस्सा हासिल करने के लिए
संधि के अन्य उपायों का इस्तेमाल करेगा ।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को बगलीहार बांध के
डिजाइन पर कोई आपत्ति नहीं है, जिसे भारत ने विश्व बैंक द्वारा नियुक्त निष्पक्ष
विशेषज्ञ की सिफारिशों पर बदल दिया था, लेकिन भारत को बांध को भरने के आधार पर
ध्यान देना होगा, जो 1960 की सिंधु जल संधि का हिस्सा नहीं है ।
श्री शाह ने कहा कि संधि के तहत भारत का फर्ज है कि
वह अपनी झील भरने के बावजूद 55,000 क्यूसेक पानी छोड़े । उन्होंने कहा कि
पाकिस्तान भारत से पानी छोड़ने के लिए कहेगा, जो नवंबर से अप्रैल के दौरान रबी की
फसल के दौरान कथित तौर पर रोक दिया गया था ।
श्री शाह अपनी भारत यात्रा के दौरान बगलीहार बांध का
दौरा करेंगे और सिंधु जल के स्थायी आयोग की बैठक में भाग लेंगे ।