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| Aravind Adiga following the 2008 Man Booker fiction prize ceremony, at the Guildhall, in London, 14 Oct 2008 |
भारतीय लेखक अरविंद अडिगा को उनके पहले उपन्यास द व्हाइट टाइगर के लिए साहित्य के लिये दिये जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक के लिए चुना गया है । यह पुरस्कार 2008 का मैन बूकर पुरस्कार है ।
पुरस्कार का फैसला लेने वाले जजों के पैनल के प्रमुख माइकेल पोर्टिलो ने कहा कि अडिगा का यह उपन्यास एक आदमी की भारत के गांवों से शुरू हुई बड़े शहर की सफलता तक की यात्रा पर आधारित है । उन्होंने कहा कि यह उपन्यास स्तब्ध करने वाला है और उतना ही रोचक भी है । उन्होंने कहा कि इस किताब को भारत के स्याह पहलू को पेश करने में उनकी बुनियादी प्रतिभा के लिए यह पुरस्कार दिया गया है ।
श्री अडिगा को मंगलवार को लंदन में आयोजित एक समारोह में 87,000 डॉलर से अधिक की राशि का एक चेक भेंट किया गया । वह पहला उपन्यास लिख कर यह पुरस्कार पाने वाले वैसे तीसरे उपन्यासकार हैं, जिन्होंने 40 साल के इतिहास में मैन बूकर पुरस्कार जीता है । वह पहली बार उपन्यास लिख कर पुरस्कार पाने वाले तीसरे भारतीय भी हैं । 33 वर्ष के होने की वजह से वे यह पुरस्कार पाने वाले सबसे कम उम्र के उपन्यासकारों में भी एक हैं ।
इस लेखक ने कोलंबिया और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई की है और भारत में टाईम मैग्जीन के लिए काम कर चुके हैं ।
यह पुरस्कार ब्रिटेन, आयरलैंड और राष्ट्रमंडल देशों के पूर्व ब्रिटिश उपनिवेशों के इंग्लिश में लिखने वाले लेखकों के उपन्यासों के लिए खुला है ।